Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
पाकुड़ :- पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर स्टेशन परिसर में संचालित कुछ फूड कैंटीनों और स्टॉलों में कथित रूप से लोकल ब्रांड की पानी की बोतलें बेचे जाने का मामला सामने आया है। वहीं, स्टेशन के अंदर बने कई स्टॉलों पर रेल नीर सहित निर्धारित/ब्रांडेड पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर दिखाई नहीं देने की बात सामने आ रही है।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक परिसर में बिकने वाले पैकेज्ड पानी की गुणवत्ता, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), वैध लाइसेंस तथा रेलवे की अनुमति की नियमित जांच होना आवश्यक है। ऐसे में यदि बिना निर्धारित अनुमति के किसी स्थानीय ब्रांड की पानी की बोतलें बेची जा रही हैं, तो यह जांच का विषय है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्टेशन परिसर में लोकल पानी की बोतलों की बिक्री किसकी अनुमति से हो रही है? क्या संबंधित स्टॉल संचालकों के पास रेलवे की निर्धारित अनुमति है? यदि अनुमति नहीं है तो रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण के दौरान इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
यात्रियों के बीच यह भी चर्चा है कि जब रेलवे स्टेशनों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप पैकेज्ड पानी की बिक्री की व्यवस्था है, तो फिर स्थानीय ब्रांड की बोतलें स्टॉलों तक कैसे पहुंच रही हैं। हालांकि, इस संबंध में यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित पानी की बोतलें वास्तव में रेलवे द्वारा अधिकृत हैं या नहीं।
मामले में रेलवे प्रशासन को चाहिए कि स्टेशन परिसर में संचालित सभी कैंटीन एवं खाद्य स्टॉलों की जांच कर पानी की बोतलों की ब्रांड, लाइसेंस, MRP, बिलिंग और रेलवे की अनुमति की जांच करे। यदि किसी स्टॉल पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं यात्रियों का सवाल है कि यदि नियमों के विपरीत लोकल पानी की बिक्री हो रही है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और अब तक इस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस पूरे मामले में रेलवे प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Repoted By :- Saroj Kumar Jha, Prime Time News, Pakur.











