Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
पाकुड़ :- शिक्षा के मंदिर में अगर विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़े, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। पाकुड़ के शिबू सोरेन जनजातीय इंटर महाविद्यालय में छात्रावास की बदहाल स्थिति और महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश अब आंदोलन में तब्दील हो गया है। पांच सूत्री मांगों को लेकर विद्यार्थियों ने छात्रावास के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। आंदोलन का नेतृत्व छात्रावास के छात्र सुनील बास्की कर रहे हैं।
आंदोलनकारी विद्यार्थियों का आरोप है कि छात्रावास की छत से लगातार पानी टपकता है, जिसके कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान छात्रावास में रहना मुश्किल हो जाता है। वहीं, महाविद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए करीब दो किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता है।
बुनियादी सुविधाओं के अभाव से परेशान विद्यार्थी
छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय में शौचालय की बदहाल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं होने और पानी के अभाव में विद्यार्थियों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। इसके अलावा महाविद्यालय में पुस्तकालय की व्यवस्था दुरुस्त करने, छात्रावास में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने और छात्राओं के लिए कॉमन रूम बनाने की मांग भी उठाई गई है।

लिखित आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र सुनील बास्की ने स्पष्ट कहा कि जब तक महाविद्यालय के प्राचार्य उनकी पांच सूत्री मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक तालाबंदी और धरना जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सड़क जाम भी किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि समस्याओं के समाधान को लेकर उपायुक्त को भी आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

विद्यार्थी परिषद ने भी उठाई आवाज
विद्यार्थी परिषद के संजय दादा ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रावास की बदहाल स्थिति के कारण विद्यार्थियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। टपकती छत के नीचे विद्यार्थियों का रहना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र का एकमात्र इंटर महाविद्यालय है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करना चाहिए।
उन्होंने पेयजल, शौचालय और छात्राओं के लिए कॉमन रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं को जल्द उपलब्ध कराने की मांग की।
आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल
इस अनिश्चितकालीन आंदोलन में सीमन मुर्मू, लखीराम मुर्मू, मुंशी हसदा, संजय हसदा, मनोज हसदा, शिव मरांडी, होपनमोय किस्कू, अनिता मुर्मू, नीलम मरांडी, महामय मुर्मू और बिट्टी मरांडी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
फिलहाल विद्यार्थियों की पांच सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। अब देखना होगा कि महाविद्यालय प्रबंधन, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।
संवाददाता – सरोज झा, प्राइम टाइम न्यूज़, पाकुड़।











