Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
रांची :- JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के ऐलान के बाद रांची में छात्रों के दो अलग-अलग पक्ष सामने आए। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनकारी छात्रों ने फैसले को लेकर खुशी जताई, वहीं मंत्रालय की ओर पहुंचे CGL के जरिए नौकरी पाने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने फैसले के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया।
नौकरीशुदा अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की है। बिना किसी ठोस जांच के परीक्षा रद्द किए जाने से उनका भविष्य संकट में पड़ गया है। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, इसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई की जाए।
अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इस दौरान कई अभ्यर्थियों में नाराजगी के साथ भावुकता भी देखने को मिली।
गौरतलब है कि JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया है। फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी जीत बताया।
इधर, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से सोशल मीडिया पर टिप्पणी की गई कि “जब बड़ी बिल्डिंग गिरती है तो छोटे-मोटे घरों को नुकसान होता ही है।” इसे नौकरी गंवाने की आशंका वाले अभ्यर्थियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने परीक्षा रद्द होने को छात्रों की जीत बताते हुए एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग की। छात्र नेता कुणाल सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी परीक्षा में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।











