Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
व्हाट्सएप ग्रुप या पर्सनल मैसेज में आए एपीके फाइल या किसी भी तरह के अपरिचित लिंक को ना करें क्लिक : विजय कुशवाहा
साहेबगंज : साइबर ठगों की हिमाकत अब इस हद तक बढ़ गई है कि आम लोगों को अपनी ठगी के जाल में फंसाते-फंसाते अधिकारियों तक को मैसेज भेजने में भी परहेज नहीं करता। ताजा मामला साहेबगंज मुख्यालय डीएसपी विजय कुशवाहा से जुड़ा है। साइबर ठगों ने व्हाट्सएप चैट के माध्यम से उन्हें भी पैसों के लिए मैसेज कर उनसे ठगी करने का असफल प्रयास किया ।

शुक्रवार को डीएसपी विजय कुशवाहा ने बताया कि ठग ने उन्हें व्हाट्सएप पर टेक्स्ट मेसेज भेज ₹ 48 हजार रुपये की तत्काल जरूरत बताते हुए कहा कि उसका यूपीआई काम नहीं कर रहा है और दो घंटे के भीतर सारा रूपया लौटा देगा। अपने संदेश में साइबर ठग ने बहुत अर्जेंट है जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर डीएसपी का भरोसा जीतने की कोशिश की। वहीं डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा ने सतर्कता दिखाते हुए उक्त मैसेज को तुरंत संदेहास्पद मान किसी भी तरह की लेन-देन से इंकार कर दिया। डीएसपी ने बताया कि चैट के तरीके और भाषा से ही उन्हें साइबर ठगी का प्रयास समझ में आ गया था। डीएसपी ने इस घटना को मीडिया में साझा करते हुए आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। डीएसपी ने कहा कि साइबर ठग आजकल व्हाट्सएप में एपीके फाइल भेजते हैं। जिसको क्लिक करते ही उक्त शख्स का नंबर हैकर हैक कर लिया जाता है। वहीं उसके सारे कॉन्टैक्ट को व्हाट्सएप टेक्स्ट मेसेज कर पैसे की डिमांड की जाती है। ठग परिचित बनकर या रिश्तेदारों के नाम पर पैसे मांगते हैं। ऐसे में बिना सत्यापन किए किसी को भी ऑनलाइन पैसे की डिमांड करने पर पैसे न भेजें। व्हाट्सएप ग्रुप या पर्सनल मैसेज में आए एपीके फाइल या किसी भी तरह के अननोन लिंक को क्लिक ना करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत जांच कर इसकी सूचना पुलिस को दें। पुलिस परिवार ने जिलेवासियों से सोशल मीडिया में विशेष सावधानी बरतने और साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
Repoted By :- Arvind Thakur, Shaibganj, Prime Time News.











