Fatehpur:- फतेहपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। गोविंदपुर–साहिबगंज स्टेट हाईवे पर थाना से करीब एक किलोमीटर दूर ताराबाद गांव के पास दो तेज रफ्तार चारपहिया वाहनों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई।
Repoted By:- मो रफीक अंसारी (प्राइम टाइम न्यूज़,फतेपुर,जामताड़ा)
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियों के अगले हिस्से पूरी तरह चकनाचूर हो गए और सड़क पर मलबा बिखर गया। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जामताड़ा से दुमका की ओर जा रही एक ऑल्टो कार और दुमका से जामताड़ा की ओर आ रही महिंद्रा एक्सयूवी ताराबाद गांव के पास आमने-सामने टकरा गईं।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि धमाके जैसी आवाज सुनते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। दुर्घटना के बाद कुछ देर तक हाईवे पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बना रहा। हादसे में शिक्षा विभाग के एडीपीओ मनोज अमबेस्ट (50 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि वे जामताड़ा में पदस्थापित हैं और अपनी ड्यूटी के लिए जा रहे थे। दुर्घटना में उनके सिर में गंभीर चोट लगी है, साथ ही उनका एक हाथ और पैर टूट गया है। उनके साथ वाहन में मौजूद शिक्षक संघ के नेता वरुण कुमार (40 वर्ष) भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका एक पैर टूट गया है। दोनों दुमका जिले के निवासी बताए जा रहे हैं और अपनी ऑल्टो कार से जामताड़ा जा रहे थे।दूसरी ओर महिंद्रा एक्सयूवी वाहन में चालक समेत तीन लोग सवार थे। इनमें रामतालाल सोरेन (64 वर्ष) इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए।
वे धनबाद जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। टक्कर के बाद वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और चालक उसमें फंस गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। दुर्घटना में उनके एक पैर में गंभीर चोट आई है और उनकी हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है। हादसे के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान घायल लोग सड़क किनारे दर्द से तड़पते रहे और स्थानीय लोग उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे। एंबुलेंस के देर से पहुंचने को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी गई और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। स्थिति गंभीर देखते हुए स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए शिक्षा विभाग के एडीपीओ मनोज अमबेस्ट को तुरंत एक निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें धनबाद रेफर कर दिया। वहीं बाद में पहुंची एंबुलेंस से अन्य दो घायलों को भी धनबाद अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना प्रभारी अमर सिंह तापे के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लचर आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो घायलों को समय पर इलाज मिल सकता था और उनकी हालत इतनी गंभीर नहीं होती।
एडिटर इन चीफ:- शशि कुमार (प्राइम टाइम न्यूज़ डेस्क)











