Edited By –Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
Pakur:- अमड़ापाड़ा: थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध बालू का कारोबार चरम पर पहुंच गया है। बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम सरकारी संपदा की लूट में लगे हुए हैं। इस अवैध गतिविधि से जहां सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। खासकर बाँसलोई नदी का जलस्तर तेजी से घटता जा रहा है, जो आने वाले समय में बड़े संकट का संकेत है।
सूत्रों के अनुसार, थाना क्षेत्र के आमझारी, दलानघुटू, दुधाजोर और खंडोंकांटा के आसपास अवैध बालू भंडारण और तस्करी का खेल पिछले कई महीनों से लगातार जारी है। बताया जाता है कि दिन के समय ट्रैक्टरों के जरिए बालू का अवैध भंडारण किया जाता है, जबकि रात होते ही इस बालू को दर्जनों ट्रकों में भरकर अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में भेज दिया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा कारोबार सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा है, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन और ढुलाई के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
अब सवाल उठता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है? बालू के अवैध भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने में प्रशासन क्यों नाकाम नजर आ रहा है?
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से इस मामले में जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी संपदा की लूट और पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर लगाम लगाई जा सके।
Repoted By:- Saroj Jha, Prime Time News,Pakur.











