Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
दुमका: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची से संबद्ध तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा के बी.एससी. कृषि सातवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव एवं कृषि औद्योगिक संलग्नता कार्यक्रम के तहत सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन यानी Participatory Rural Appraisal की प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
यह कार्यक्रम दुमका जिले के मसलिया प्रखंड अंतर्गत गोआसोल गांव में आयोजित किया गया, जहां कृषि छात्रों ने ग्रामीणों और स्थानीय किसानों के साथ सीधे संवाद कर गांव की कृषि व्यवस्था को समझने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने किसानों से उनकी खेती की पद्धतियों, कृषि संबंधी समस्याओं और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी ली। साथ ही किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों और उनके संभावित लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन का उद्देश्य छात्रों और ग्रामीणों के बीच आपसी विश्वास, सहजता और सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देना है, ताकि आने वाले दिनों में अध्ययन एवं प्रायोगिक गतिविधियों को प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके।
इस दौरान कृषि छात्रों को ग्रामीण परिवेश और किसानों की वास्तविक समस्याओं को करीब से समझने का अवसर मिला। वहीं, ग्रामीणों के साथ प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से छात्रों ने कृषि की जमीनी हकीकत को जानने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
इस कार्यक्रम में बी.एससी. कृषि सातवें सेमेस्टर की छात्राएं एवं छात्र दीपशिखा कुमारी, अंशु कुमार, अर्चना एक्का, राखी महतो और नेहा मिंज शामिल रहीं।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन श्री विकास कुमार मांझी, प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, दुमका, तथा श्री द्वारका कुमार मांझी, सह-प्राचार्य, तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा के निर्देशन में किया गया। वहीं डॉ. अभिजीत सतपथी, सहायक प्राध्यापक सह कनिष्ठ वैज्ञानिक (कृषि प्रसार) ने छात्रों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।











