Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
जामताड़ा :- डिजिटल युग में जहां गांव-गांव तक निर्बाध बिजली पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र के छोटा आसना गांव पिछले एक महीने से 40 घर अंधेरे में डूबा हुआ है। गांव का 25 केवीए क्षमता का विद्युत ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी और उमस के बीच करीब एक महीने से बिजली नहीं रहने के कारण ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है, पेयजल संकट गहरा गया है और मोबाइल चार्ज करने तक के लिए लोगों को दूसरे गांव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों को दी गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है।ग्रामीण पिंकु कुमार महतो, विश्वजीत मंडल, उज्ज्वल पाल, अज्ञिल मंडल, संतोष कुमार मंडल, बादल मंडल, परमानंद मंडल, दिगंबर राय, पवन मंडल, शुभकर महतो, मदन चौधरी और मधु पोद्दार सहित कई बताते हैं कि गांव में पहले से लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर आबादी और बढ़ते बिजली लोड के हिसाब से काफी कम क्षमता का था। अतिरिक्त भार के कारण ट्रांसफार्मर कई बार खराब हुआ और इस बार पूरी तरह जल गया। उनका कहना है कि समय रहते अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया होता तो आज यह नौबत नहीं आती। स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने मिहिजाम विद्युत प्रमंडल के सहायक अभियंता को लिखित आवेदन देकर खराब ट्रांसफार्मर को तत्काल बदलने तथा उसकी जगह 63 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के एसडीओ को कई बार फोन कर समस्या बताई गई, लेकिन हर बार उन्हें “परेशान मत कीजिए” कहकर बात टाल दी गई। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों का यह रवैया ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। बिजली नहीं रहने से गांव में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। अधिकांश लोग बिजली चालित मोटर से पानी निकालते हैं, लेकिन बिजली ठप रहने से पानी की व्यवस्था भी संकट में पड़ गई है। शाम ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। रात के समय अंधेरे के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे करती है, लेकिन छोटा आसना की तस्वीर इन दावों की पोल खोल रही है। अब ग्रामीणों की निगाहें बिजली विभाग पर टिकी हैं कि आखिर कब गांव को अंधेरे से मुक्ति मिलेगी और कब 63 केवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाकर नियमित बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।
इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ संतोष मंडल ने बताया कि संबंधित आवेदन प्राप्त हो गया है। फिलहाल विभाग के पास ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध नहीं है। जैसे ही ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध होगा, प्राप्त आवेदनों के क्रम के अनुसार संबंधित स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
Repoted By :- Rafique Ansari, Prime Time News, Jamtara.











