Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
Dumka :- हूल दिवस के अवसर पर दुमका जिला के रानेश्वर प्रखंड में सिद्धू- कान्हू, चांद-भैरव,फूलो-झानो को याद किया गया। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पदयात्रा निकाला गया यह पैदल मार्च रंगालिया पंचायत से सालतोला 3 किलोमीटर तक चला। सिद्धू-कान्हू के मूर्ति पर माल्यार्पण किया इसके साथ ही सिद्धू- कान्हू, चांद-भैरव अमर रहे के नारे से पूरा माहौल गूंज उठा।
आज के दिन की बात कर ले तो हूल दिवस सिद्धू- कान्हू चांद-भैरव,फूलो-झानोके शहीद होने के याद को लेकर मनाए जाते हैं।

क्रांति की शुरुआत: 30 जून 1855 को संताल परगना (वर्तमान झारखंड) के भोगनाडीह गांव में एक विशाल सभा हुई थी, जहां लगभग 10,000 आदिवासियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ‘करो या मरो’ और मालगुजारी न देने का ऐलान किया था।
तब से हर साल 30 जून को पूरे झारखंड में शाहिद सिद्धू- कान्हू चांद-भैरव,फूलो-झानो कोई याद किया जाता है और बड़े ही धूमधाम से इस कार्यक्रम को आयोजित की जाती है।
Repoted By :- Tufan Ansari, Prime Time News,Dumka.











