Assam:- असम की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा और अहम घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पूरे सियासी माहौल को गरमा दिया है। AIUDF के विधायक अमिनुल इस्लाम ने अपनी पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। चुनाव से मात्र कुछ दिन पहले एक मौजूदा विधायक का इस तरह पाला बदलना साधारण घटना नहीं माना जा सकता, बल्कि इसे राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
Edited By -Shashi Kumar, Prime Time News Desk.

इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि ज़मीनी स्तर पर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। जब एक वर्तमान विधायक चुनाव से ठीक पहले किसी दूसरी पार्टी में शामिल होता है, तो यह सिर्फ व्यक्तिगत निर्णय नहीं होता, बल्कि यह उस लहर का संकेत होता है जो सत्ता परिवर्तन की गवाही दे रही होती है। ऐसे समय में इस तरह का कदम यह दर्शाता है कि कांग्रेस के पक्ष में माहौल मजबूत हो रहा है और पार्टी को लेकर भरोसा बढ़ रहा है।
दूसरी तरफ, इस घटनाक्रम ने बीजेपी खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है। पिछले कुछ समय से सरकार के खिलाफ जो नाराज़गी और असंतोष देखने को मिल रहा है, वह अब राजनीतिक रूप से भी सामने आने लगा है। महंगाई, बेरोजगारी, बाढ़ प्रबंधन, ज़ुबान हत्याकांड और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता की नाराज़गी लगातार बढ़ती रही है, और अब उसका असर नेताओं के फैसलों में भी दिखने लगा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक शुरुआत हो सकती है। आने वाले दिनों में और भी नेता अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए ऐसे कदम उठा सकते हैं। इससे यह धारणा मजबूत हो रही है कि असम में इस बार सत्ता परिवर्तन की संभावना गंभीर रूप से बन रही है।
ज़मीनी स्तर पर भी जनता के बीच एक स्पष्ट चर्चा सुनाई दे रही है कि इस बार राज्य को एक नई और ईमानदार सरकार की जरूरत है। लंबे समय तक एक ही सरकार के रहने से जो व्यवस्थागत समस्याएं पैदा होती हैं, उनसे लोग अब बाहर निकलना चाहते हैं। यही वजह है कि बदलाव की मांग अब पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गई है।
कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम सिर्फ एक नेता के पार्टी बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बड़े बदलाव का संकेत है जिसकी आहट अब पूरे असम में महसूस की जा रही है। चुनाव नज़दीक हैं, और माहौल यह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि इस बार असम में कांग्रेस की सरकार बनना तय है।











