Pakur – पाकुड़ जिले के गोपीनाथपुर गांव में हिंदू समन्वय समिति की ओर से एक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हजारों की संख्या में सनातनी हिंदुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गांव में भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसके बाद विधिवत रूप से सम्मेलन का शुभारंभ किया गया।
Repoted By – Saroj Jha(PTN Pakur)
सम्मेलन को संबोधित करते हुए रांची के सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल ने कहा कि भारत के मंदिर हिंदू समाज की आस्था और सामाजिक एकता के केंद्र रहे हैं। प्राचीन काल में मंदिरों के माध्यम से समाज के गरीबों, बीमारों और जरूरतमंदों की सहायता की जाती थी। उन्होंने कहा कि आक्रमणकारियों ने समाज को कमजोर करने के उद्देश्य से सबसे पहले मंदिरों को निशाना बनाया, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हुआ। हालांकि अब हिंदू समाज जागरूक हो चुका है और भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
गोपाल ने समाज की रक्षा के लिए साधु-संतों के बलिदान का उल्लेख करते हुए महर्षि दधीचि के त्याग का उदाहरण दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए अधिक से अधिक पेड़ लगाने, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने तथा नदियों और तालाबों को स्वच्छ रखने की अपील की। साथ ही देश के प्रति कर्तव्यों के पालन और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया।
वहीं मुख्य वक्ता स्वामी परमानंद महाराज ने सनातन संस्कृति को विश्व की सबसे प्राचीन, समृद्ध और सत्य संस्कृति बताया। उन्होंने हिंदू समाज से बच्चों को गुरुकुल शिक्षा देने, समाज में एकजुट रहने और धार्मिक रीति-रिवाजों व पूजा-पाठ में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सम्मेलन में धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया
Editor By -Shashi Kumar (PTN NEWS DESK)











