Deoghar- युवाओं की भूमिका को समाज और विकास की मुख्यधारा में स्थापित करने के उद्देश्य से मीमांसा फाउंडेशन एवं कम्युटिनी – द यूथ कलेक्टिव ने vartaLeap Coalition के सहयोग से मधुपुर में क्षेत्रीय संवाद “सही और गलत से परे: युवा नेतृत्व बदल रहा है दुनिया की तस्वीर” विषय पर एक विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया। इस संवाद में युवा नेताओं, अभिभावकों, शिक्षकों तथा विभिन्न सामाजिक हितधारकों ने भाग लेकर पीढ़ियों के बीच संवाद और विश्वास की आवश्यकता पर बल दिया।
Repoted By-Krishna Goswami (Deoghar PTN)
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की आकांक्षाओं, चुनौतियों और संभावनाओं को समझते हुए उन्हें विकास की प्रक्रिया में सहभागी बनाना था। संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने माना कि वर्तमान समय में युवाओं से अपेक्षाएँ तो बहुत रखी जाती हैं, परंतु उनके सपनों और दृष्टिकोण को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता।
मीमांसा फाउंडेशन की प्रतिनिधि एस्तेर मुर्मू ने कहा कि इस तरह के संवाद पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर युवाओं की वास्तविक जरूरतों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे सार्थक बदलाव संभव हो पाता है।
वहीं सिकिटीया की मुखिया मरियम टुडू ने कहा कि समुदाय और परिवार के साथ युवाओं का जुड़ाव मजबूत होना चाहिए, क्योंकि आज के दौर में विश्वास की कमी देखी जा रही है—न तो बड़े पूरी तरह युवाओं पर भरोसा कर पा रहे हैं और न ही युवा खुलकर संवाद कर पा रहे हैं।
मोती लाल प्रसाद ने युवाओं को अपनी संस्कृति और इतिहास से परिचित होने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह उन्हें सकारात्मक सामाजिक वातावरण में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
यह संवाद सूफी कवि रूमी की प्रसिद्ध पंक्तियों—“सही और गलत के विचारों से परे एक मैदान है, मैं तुम्हें वहीं मिलूँगा”—से प्रेरित था। कार्यक्रम में निर्णय-मुक्त वातावरण में जिज्ञासा-आधारित अंतर-पीढ़ीगत संवाद हुआ, जिसमें युवाओं ने अपने सपनों और चुनौतियों को साझा किया तथा अभिभावकों और शिक्षकों ने उनके दृष्टिकोण को समझने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों द्वारा सह-निर्मित ‘चार्टर ऑफ डिमांड्स’ प्रस्तुत किया गया, जिसमें युवा नेतृत्व के लिए समय और विश्वास का निवेश, नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण, तथा संसाधनों के विस्तार जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
इस अवसर पर स्थानीय सामुदायिक प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, मुखियाओं, शिक्षकों और मीमांसा फाउंडेशन के प्रोजेक्ट समन्वयकों को युवा सशक्तिकरण में उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
यह पहल 10 से अधिक राज्यों में चल रही राष्ट्रीय संवाद श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके क्षेत्रीय निष्कर्षों को राष्ट्रीय स्तर के रोडमैप में शामिल किया जाएगा। इस श्रृंखला का समापन 27 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित है।
उल्लेखनीय है कि मीमांसा फाउंडेशन वर्ष 2022 से झारखंड के मधुपुर क्षेत्र में महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता तथा कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। वहीं कम्युटिनी 30,000 से अधिक युवाओं के साथ सक्रिय नागरिकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है और 250 से अधिक संगठनों के साथ मिलकर युवा-केंद्रित विकास को मजबूत करने में जुटा है।
कार्यक्रम में शीशम देवी, तानिया परवीन, जुली देवी, एस्तेर मुर्मू, फूल कुमारी हसदा, मिस्बा उल हुसैन, उदय, काजल चंद्र महतो, प्रशांत सरकार, प्र्तियुस भगत, सहजन परवीन, मधु देवी, बलराम प्रसाद वर्मा, अनीता देवी, बेलुरुईस मरांडी, पीयूष झा, मरियम टुडू, मंगोली हंसदा, अजय सोरेन, मालती कुमारी, शिबू हंसदा, इंदु टुडू, रविकांत झा, मोती लाल प्रसाद सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
Editor By -Shashi Kumar (Prime Time News)











