Fatehpur :- अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर फतेहपुर प्रखंड के सिमलाडागल पंचायत अंतर्गत मुरीडीह शिव मंदिर परिसर में रविवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फतेहपुर के मुखिया एवं थाना प्रभारी अमर सिंह तापेए उपस्थित रहे। इसके अलावा पंचायत सचिव विनायकांत झा, चंद्रशेखर यादव, पुजारी निताई चक्रवर्ती, समाजसेवी अरविंद मंडल, संजय मंडल, घनश्याम मंडल, भगवत प्रसाद मंडल, नकुल सोरेन, नवीन कुमार , बनवासी विकास आश्रम के जिला समन्वयक गोपी कुमार, जयप्रकाश मंडल, लालटु यादव, सेविका एवं ग्रामीणों की सहभागिता रही। अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए बनवासी विकास आश्रम ने जिला प्रशासन के सहयोग से ‘सतर्कता दिवस’ भी मनाया। इस दौरान बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं बाल विवाह उन्मूलन का संकल्प दोहराया गया।
Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.

कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ) एवं आशा इकाइयों का भी सहयोग रहा। बनवासी विकास आश्रम, जिला प्रशासन, पंचायतों, विद्यालयों एवं धर्मगुरुओं के साथ मिलकर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। संस्था द्वारा गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर हजारों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई जा चुकी है। विशेष रूप से अक्षय तृतीया जैसे संवेदनशील अवसरों पर प्रशासन के साथ मिलकर सघन अभियान चलाया जाता है।संस्था के निदेशक सुरेश शक्ति ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे पवित्र दिन की आड़ में बाल विवाह जैसे अपराध को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों की सक्रियता से इस दिन होने वाले बाल विवाहों में कमी आई है, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त करना अभी भी आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले लोगों में बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के बारे में जागरूकता की कमी थी, जबकि इस कानून के तहत नाबालिगों की शादी कराना दंडनीय अपराध है। इसमें शामिल सभी व्यक्तियों जैसे बाराती, परिजन, कैटरर, डेकोरेटर, हलवाई, बैंड-बाजा संचालक, मैरेज हॉल मालिक, यहां तक कि विवाह कराने वाले पंडित या मौलवी को भी दोषी माना जा सकता है और सजा व जुर्माना हो सकता है। अब जागरूकता अभियानों के कारण लोगों में समझ बढ़ी है और वे बाल विवाह की सूचना प्रशासन को दे रहे हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। संस्था ने विश्वास जताया कि वर्ष 2030 से पहले ही जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क देशभर में 250 से अधिक संगठनों के साथ मिलकर 450 से अधिक जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहा है और अब तक पांच लाख से अधिक बाल विवाह रोकने में सफलता प्राप्त कर चुका है।
Repoted By :- Md Rafique Ansari, Prime Time News, Fatehpur (Jamtara).











