जामताड़ा : उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देशानुसार जामताड़ा प्रखंड सभागार में बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल तस्करी, बाल दुर्व्यवहार तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशील बनाना और इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था।
Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.

कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय, जामताड़ा के संरक्षण पदाधिकारी (संस्थागत) संजय यादव की देखरेख में बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों, सरकारी योजनाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। चाइल्ड हेल्पलाइन जामताड़ा की समन्वयक मनीषा देवी, सुपरवाइजर अभिनय कुमार तथा बीपीआरओ महादेव पोद्दार ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी जैसी कुप्रथाएं बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाती हैं। इन समस्याओं की रोकथाम के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसी भी बच्चे के साथ होने वाले शोषण, दुर्व्यवहार, बाल श्रम या तस्करी की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित विभाग को देनी चाहिए, ताकि समय पर कार्रवाई कर बच्चे को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। कार्यशाला के दौरान बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संरक्षण तंत्र की जानकारी भी साझा की गई। साथ ही कर्मियों से अपने-अपने क्षेत्र में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की पहचान कर समय पर रिपोर्ट करने की अपील की गई। इस अवसर पर प्रखंड के सभी विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बाल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
Repoted By :- Goutam Thakur, Prime Time News, Jamtara.











