दुमका के गोपीकांदर में प्रखंड स्थित कुश्चिरा में तीन दिवसीय वार्षिक प्रेयर को कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यरूप से विधायक हेमलाल मुर्मू पहुंचे।
Edited By -: Shashi Kumar, Prime Time News Desk.

कार्यक्रम में हेमलाल मुर्मू के पहुंचते ही आदिवासी रीति रिवाज के साथ महिलाओं ने स्वागत किया। जिसके बाद पुष्पगुच्छ और सोल देकर सम्मानित किया। विधायक ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य सरकार कई तरह के योजनाओं को संचालित कर रही है। कल्याण विभाग से आदिवासी समुदाय के लिए कई योजना चल रही है। आदिवासी लड़का लड़कियों के लिए दिल्ली और रांची जैसे शहरों में कई बड़े हॉस्टल सरकार द्वारा बनाई गई है।
जिसमें रहकर पढ़ाई कर रहे है। पायलट के लिए ट्रेनिंग दिया जा रहा है। ट्रेनिंग के बाद पायलट बनेंगे और फिर हवाई जहाज उड़ाएंगे ये गौरव की बात है। आपके क्षेत्र में पानी, सड़क सहित अन्य समस्या यदि है तो अवगत कराए समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजक राजेश ने बताया कि ईसाई समुदायों के लिए वार्षिक कार्यक्रम है।
आस-पास से सैकड़ों की संख्या में लोग जुटेंगे। कार्यक्रम के लिए मुख्यरूप से फादर नरेश टुडू, पतरास मुर्मू, अल्फ्रेड किस्कू जोयल टुडू पहुंचे हुए है। इस दौरान बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी, थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत, जिप सदस्य निशा शबनम हांसदा, झामुमो नेत्री पॉलिना मुर्मू, रंजित पाल, बदरुल शेख, दशरथ भगत, मनोज मरांडी सहित अन्य शामिल थे।
कोल ब्लॉक से प्रभावित ग्रामीणों की विधायक ने सुनी समस्या
कार्यक्रम के बाद विधायक हेमलाल मुर्मू ने कोल ब्लॉक से प्रभावित गांव कुंडापहाड़ी, चिरूडीह और माहुलडाबर रैयतों के समस्याओं को सुना। कुंडापहाड़ी से जमाबंदी नंबर 12 के रैयत ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उनके पास सभी कागजात होने के बाद मुआजवा नहीं मिल रहा है। विधायक ने बताया कि जमाबंदी नंबर 12 में जिस रैयत का नाम अंकित है उन सभी का नाम सेटलमेंट फाइनल पर्चा में एक काम नहीं जोड़ा गया है। जमाबंदी नंबर 11 और 8 के रैयत भी मुआवजा की समस्या को लेकर पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि उनके रैयती में पुरुष के सभी वंशज मृत है जबकि वर्तमान में महिला का वंशज बचा हुआ है जो सालों से सभी जमीन पर दखल कर रह रहे है। उक्त जमाबंदी में सिर्फ महिला के ही वंशज जीवित है। लेकिन नवेली कंपनी द्वारा टालमटोल कर जमीन का मुआवजा रोक दिया है। उनके मांगों को लेकर सभी प्रकार के कागजात भी जमा किया गया था लेकिन मुआवजा नहीं मिला। कोल ब्लॉक से प्रभावित गांव के युवकों ने एक पत्र के विधायक को सौंपा जिसमें कंपनी से दर्जनों मांगे शामिल है। उचित मुआवजा, रोजगार सहित आरएनआर पॉलिसी के तहत कार्य करने की मांग रखी गई है।
Repoted By -: Nitesh Kumar Pal, Prime Time News Dumka.











