Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
पाकुड़ :- पश्चिम बंगाल–मोरग्राम–किशनगंज हाई स्पीड कॉरिडोर परियोजना को लेकर मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) का अवलोकन करते हुए प्रस्तावित कॉरिडोर के अलाइनमेंट, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय प्रभाव तथा विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पाकुड़ विधायक श्रीमती निसात आलम भी उपस्थित रहीं।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर का लगभग 13.83 किलोमीटर हिस्सा पाकुड़ जिले से होकर गुजरेगा। इस परियोजना से जिले के 19 गांव प्रभावित होंगे, जिसके मद्देनजर भूमि अधिग्रहण, प्रभावित परिवारों के हितों की सुरक्षा तथा स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना से जुड़े सभी बिंदुओं का समन्वित ढंग से परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान स्थानीय लोगों की सुविधाओं, जनहित, पर्यावरण संरक्षण तथा नियमानुसार सभी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में विधायक श्रीमती निसात आलम ने भी परियोजना के संबंध में स्थानीय जनभावनाओं एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं एवं सुविधाओं का भी समुचित ध्यान रखा जाना चाहिए।
समीक्षा के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों ने डीपीआर के विभिन्न तकनीकी बिंदुओं, प्रस्तावित मार्ग, भूमि अधिग्रहण की स्थिति तथा विभागीय समन्वय से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि परियोजना के सभी चरणों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि भविष्य में परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।
Repoted By :- Saroj Jha, Prime Time News, Pakur.











