Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
Dumka :- ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दुमका जिले के मसलिया प्रखंड में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। प्रखंड परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में विधायक श्री बसंत सोरेन ने ‘दुमका पलाश टोटो’ योजना का विधिवत लोकार्पण किया तथा सखी मंडल की 21 महिलाओं को टोटो (ई-रिक्शा) की चाबी प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार की नई राह पर अग्रसर किया।

यह पहल झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने एवं उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के तहत संकुल संगठनों के माध्यम से महिलाओं को सामुदायिक निवेश निधि (CIF) से आसान किस्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे टोटो खरीदकर नियमित आय अर्जित कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकें।

कार्यक्रम के दौरान लाभुक महिलाओं को टोटो वितरण के साथ-साथ आजीविका संवर्धन के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई। सामुदायिक निवेश निधि (CIF) के अंतर्गत ₹2,16,77,000 तथा कैश क्रेडिट लिंकेज (CCL) के तहत ₹2,01,00,000 की राशि का परिसंपत्ति एवं वित्तीय सहायता के रूप में वितरण किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित विधायक श्री बसंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि “जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे। ‘दुमका पलाश टोटो’ जैसी पहल महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार के साथ आत्मविश्वास भी प्रदान करेगी।”

कार्यक्रम में उपस्थित उप विकास आयुक्त (DDC) श्री अनिकेत सचान ने कहा कि JSLPS की आजीविका आधारित योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने लाभुक महिलाओं से टोटो का सफल संचालन कर इसे आय का स्थायी स्रोत बनाने का आह्वान किया।
समारोह में जिला एवं प्रखंड प्रशासन के पदाधिकारी, JSLPS के जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी एवं कर्मी, जनप्रतिनिधि, संकुल संगठनों की दीदियां तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने लाभुक महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘दुमका पलाश टोटो’ केवल एक परिवहन योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और समृद्धि की नई पहचान है। यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय परिवहन व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगी तथा जिले में समावेशी ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान करेगी।











