Jamtara :- फतेहपुर प्रखंड में राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा के तहत आयोजित कार्यक्रमों का गुरुवार को समापन हो गया। बाल विकास परियोजना कार्यालय के अंतर्गत संचालित 169 आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने का अभियान चलाया गया। समापन अवसर पर महिला पर्यवेक्षिका रूपा कुमारी के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली आंगनबाड़ी केंद्र परिसर से प्रारंभ होकर पूरे गांव का भ्रमण करते हुए लोगों को पोषण के महत्व का संदेश देती रही।
Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.

इस दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को संतुलित आहार, स्वच्छता और बच्चों के समुचित विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। साथ ही सेविकाओं को कुपोषण उन्मूलन की शपथ भी दिलाई गई। महिला पर्यवेक्षिका रूपा कुमारी एवं फिलिसता टुडू ने बताया कि प्रखंड को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से जनसहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए पौष्टिक आहार और सही पोषण के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। इस अभियान में हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है, तभी इसे सफल बनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि पोषण पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए प्रखंड के सभी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सहियाओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि कोई भी बच्चा या जरूरतमंद परिवार इस अभियान से वंचित न रह जाए। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र में माताओं और बच्चों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के तहत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विशेष रूप से जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि बच्चे के जन्म के बाद छह माह तक केवल मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है। इसके बाद शिशु के छह माह पूरे होने पर स्तनपान के साथ पूरक आहार देने की जानकारी दी गई। इसके अलावा स्वच्छता पर भी विशेष जोर देते हुए खाना बनाने से पहले, भोजन करने से पहले, शौच के बाद तथा कचरा उठाने के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाने की अपील की गई।
9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक चले इस पोषण पखवाड़ा (पोषण 2.0) का उद्देश्य सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से पोषण स्तर में सुधार लाना तथा सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। अभियान के तहत मातृ एवं शिशु पोषण, जीवन के पहले 1000 दिनों का महत्व, बच्चों के प्रारंभिक मस्तिष्क विकास (0-3 वर्ष) और खेल-आधारित शिक्षा (3-6 वर्ष) जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। अभिभावकों को बच्चों के समुचित विकास के लिए संवाद, खेल और सहभागिता बढ़ाने की सलाह दी गई, वहीं अत्यधिक स्क्रीन समय से बचने के प्रति भी जागरूक किया गया।पखवाड़े के दौरान स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता, जल संरक्षण में महिलाओं की भूमिका, जल प्रबंधन, एनीमिया की जांच एवं उपचार तथा जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसी दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का ऑनलाइन डाटा एंट्री भी किया गया, ताकि अभियान की प्रगति का समुचित रिकॉर्ड रखा जा सके। जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक खाद्य पदार्थों के महत्व की जानकारी भी दी गई, ताकि स्थानीय संसाधनों के माध्यम से बेहतर पोषण सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर आंगनबाड़ी सेविकाएं लक्ष्मी कुमारी मंडल, अनिमा मंडल, दीप्ति पाल, नीलिमा भंडारी, मिताली दास, राजकुमारी मुर्मू और मंजू गोराई सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रशासन ने सभी प्रखंडवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।
Repoted By :- Md Rafique Ansari, Prime Time News, Jamtara.











