Dumka :- गोपीकांदर प्रखंड में पीटीजी योजना में गड़बड़ी का मामला तुल पकड़ता जा रहा है। पहाड़िया परिवारों का प्रखंड कार्यालय में धरना, उपायुक्त को पत्र और फिर बुधवार को जन आक्रोश रैली ने ये साफ कर दिया है पहाड़िया परिवारों के अनाजों पर जो डंक मारेगा उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।बुधवार को गोपीकांदर प्रखंड के 65 गांव के पहाड़िया परिवार जन आक्रोश रैली में शामिल हुए। पीटीजी योजना के पहाड़िया परिवारों ने लाल कपड़े में आदिम जनजाति पहाड़िया समाज सेवा समिति लिखकर जन आक्रोश रैली निकाला।
Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
रेली गोपीकांदर डाक बंगला परिसर से प्रखंड़ कार्यालय पहुंची। पहाड़िया परिवारों ने पीटीजी योजना में मिलने वाले अनाजों पर हो रही कालाबाजारी को रोकने की सख्त हिदायत दिया। पहाड़िया परिवारों ने बताया कि कालाबजारी कर रहे लाइसेंसधारी प्रकाश भगत पर कड़ी कार्रवाई करें नहीं तो आंदोलन जारी रहेगी। आरती महारानी ने बताया कि डाकिया योजना के तहत उन्हें चावल मिलता है। डोर टू डोर चावल पहुंचाने की नियम है लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है। पिछले जनवरी माह से सभी को अनाज नहीं मिला है। वर्ष 2026 के जनवरी, फरवरी और मार्च का फिंगर प्रिंट लेकर पर्ची तो निकाल दिया लेकिन चावल नहीं मिला। पीटीजी परिवारों के पास तीन तीन माह का पर्ची है लेकिन चावल एक माह का नहीं है।
प्रकाश भगत पर पर्ची फाड़ने का पहले भी लग चुका है आरोप
पीटीजी परिवारों को डोर टू डोर चावल पहुंचाने का लाइसेंस प्रकाश भगत को है। प्रकाश भगत पर इससे पूर्व भी पीटीजी लाभुकों का पर्ची फाड़ने, चावल में कटौती कर वितरण करने और कार्ड बनाने की एवज में पैसे की मांग का आरोप लग चुका है। बुधवार को भी जनाक्रोश रैली में पहाड़िया परिवारों ने पर्ची निकालने के नाम पर 10-10 रुपए लेने का आरोप लगाया। आरोप है कि प्रत्येक माह पर्ची समय पर निकाला जाता है लेकिन चावल तीन माह के जगह एक माह या पर्ची लेकर फाड़ दिया जाता है। ज़्यादा दिनों तक पर्ची रखने पर उसमें अंकित नंबर स्वत ही मिट जाता है इसका फायदा सीधे प्रकाश भगत को होता है।
मैं नया आया हूं। अब प्रत्येक गांव में चावल के साथ एक रजिस्टर भी जाएगा, जिसमें पीटीजी लाभुकों के नाम अंकित होगा। चावल मिलने के बाद उस पर हस्ताक्षर कर देंगे। गड़बड़ी होने पर कार्रवाई की जाएगी।
Repoted By :- Nitesh Kumar Pal, Prime Time News,Dumka.











