Edited By :- Shashi Kumar (Prime Time News Desk)
फतेहपुर प्रखंड के खामारबाद पंचायत अंतर्गत कालूपहाड़ी गांव स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक माहौल से सराबोर हो गया। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु पूरे मनोयोग के साथ कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।कथा के तीसरे दिन राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रसिद्ध कथावाचिका राधेकृपा साक्षी ने अपने मधुर वाणी से श्रीमद्भागवत महापुराण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने जड़ भरत प्रसंग, अजामिल प्रसंग, भक्त प्रह्लाद प्रसंग, गजेन्द्र मोक्ष तथा राजा बलि प्रसंग को विस्तारपूर्वक सुनाते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
अपने प्रवचन में कथावाचिका ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण मानव जीवन को सही दिशा दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। इसके श्रवण से मनुष्य के मन में भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव जागृत होता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, तो उसके जीवन के दुख और कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं। जड़ भरत प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने वैराग्य और आत्मज्ञान का महत्व बताया। वहीं अजामिल प्रसंग के माध्यम से समझाया कि भगवान के नाम का स्मरण मनुष्य को पापों से मुक्त करने की शक्ति रखता है। भक्त प्रह्लाद प्रसंग के जरिए उन्होंने अटूट विश्वास और सच्ची भक्ति का संदेश दिया। गजेन्द्र मोक्ष और राजा बलि प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान अपने सच्चे भक्तों की हर परिस्थिति में रक्षा करते हैं।कथा के दौरान मंदिर परिसर भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से गूंजता रहा। श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से कथा सुनते हुए भक्ति रस में डूबे नजर आए। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी से आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सात दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन कथा, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कथा के समापन पर हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करने और पुण्य लाभ लेने की अपील की है।











