Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
दुमका :- दीपावली एवं लोक आस्था के महापर्व छठ को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर दुमका जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं, यातायात प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिले के सभी प्रमुख छठ घाटों पर मेडिकल टीम, एंबुलेंस, आवश्यक दवाइयां और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया। वहीं, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित गोताखोरों, आपदा मित्रों और नाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

छठ घाटों पर रहेगी विशेष सुरक्षा व्यवस्था
उपायुक्त ने नगर परिषद दुमका एवं नगर पंचायत बासुकीनाथ सहित संबंधित विभागों को घाटों और तालाबों की साफ-सफाई, पहुंच पथों की मरम्मत तथा पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। गहरे पानी वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां बैरिकेडिंग और रस्सी लगाने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं के साथ किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
बिजली विभाग को घाटों के आसपास विद्युत तारों और सजावट की जांच करने तथा दीपावली के दौरान सुरक्षित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से बासुकीनाथ स्थित शिवगंगा फिल्ट्रेशन प्लांट को क्रियाशील करने और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया गया।

यातायात और विधि-व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
छठ पर्व के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रमुख मार्गों पर वाहनों की पार्किंग, बड़े वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण और जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से निर्धारित करने को कहा गया।
पुलिस प्रशासन को घाटों के आसपास पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखने और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्ती बढ़ाने को कहा गया।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी, मिलावटखोरों पर भी कार्रवाई
उपायुक्त ने पर्व के दौरान जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने और शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया, ताकि मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
दीपावली के मद्देनजर अग्निशमन विभाग को भी पूरी तैयारी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
चक्रवात से संभावित नुकसान को लेकर भी अलर्ट
बैठक में चक्रवाती परिस्थितियों से उत्पन्न संभावित खतरे और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की क्षति होने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई जाए। फसलों को नुकसान होने की स्थिति में शीघ्र आकलन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।
एसपी ने पुलिस गश्ती बढ़ाने का दिया निर्देश
बैठक में पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खरवार ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छठ के दौरान सुबह के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में घरों और आवासीय क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए।
उन्होंने घाटों पर भीड़ नियंत्रण, महिला सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के साथ विद्युत सुरक्षा की जांच समय रहते पूरी करने पर जोर दिया।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय सीमा के अंदर तैयारियां पूरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को पर्व के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन का लक्ष्य है कि दीपावली और छठ महापर्व पूरे जिले में शांति, सौहार्द, स्वच्छता और सुरक्षा के वातावरण में संपन्न हो।











