Edited By :- Shashi Kumar, Prime Time News Desk.
दुमका। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। पिछले 12 महीनों से वेतन और मानदेय का भुगतान नहीं होने का आरोप लगाते हुए पैरामेडिकल स्टाफ एसोसिएशन, झारखंड के बैनर तले आंदोलनरत स्वास्थ्य कर्मियों ने श्रम अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। 17 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे इन कर्मचारियों के समर्थन में अब भारतीय जनता पार्टी भी खुलकर सामने आ गई है। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों पर सवाल उठाते हुए बकाया वेतन के तत्काल भुगतान की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, दुमका जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में शिव प्रोटेक्शन फोर्स, बिरसा सिक्योरिटी, बालाजी डिटेक्टिव और बीएमआर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले 12 महीनों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनके मेहनताने से वंचित रखा गया है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
श्रम अधीक्षक कार्यालय के घेराव के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया और बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
इस आंदोलन को समर्थन देने भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर पहुंचे। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुनील सोरेन, प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अमित मंडल तथा भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता आंदोलनरत कर्मचारियों के समर्थन में खड़े नजर आए।

इस दौरान पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिरकार 12 महीने तक स्वास्थ्य कर्मियों को वेतन नहीं मिलना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और श्रम मंत्री संजय यादव से सवाल किया कि कर्मचारियों की इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
वहीं, पूर्व विधायक अमित मंडल ने कहा कि कर्मचारियों से लगातार काम लेना और उनके परिश्रम का भुगतान नहीं करना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से बकाया वेतन भुगतान की समय-सीमा निर्धारित करने तथा संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य कर्मियों की जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
भाजपा ने राज्य सरकार से सभी प्रभावित कर्मचारियों के 12 महीने के बकाया वेतन का अविलंब भुगतान कराने, संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसियों की जांच करने और कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 12 महीने से अपने मेहनताने का इंतजार कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को उनका हक आखिर कब मिलेगा? क्या राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में कोई ठोस पहल करेंगे या फिर कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आगे भी जारी रहेगी? फिलहाल सभी की निगाहें सरकार और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।
17 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं आउटसोर्सिंग कर्मी, भाजपा ने दिया आंदोलन को समर्थन; स्वास्थ्य मंत्री और श्रम मंत्री से मांगा जवाब
ब्यूरो रिपोर्ट | प्राइम टाइम न्यूज़ डेस्क











